Bunker


"सन् 1965 में, एक वैज्ञानिक रमेश शर्मा अपने परिवार के साथ परमाणु युद्ध के डर से एक गुप्त बंकर में चला जाता है। 30 साल बाद, 1995 में, जब उनका बेटा आरव पहली बार बाहर की दुनिया में कदम रखता है, तो उसे एक बदली हुई दुनिया मिलती है—जहाँ तकनीक, लोग और समाज पूरी तरह बदल चुके हैं। क्या आरव अपने माता-पिता को यकीन दिला पाएगा कि उनका डर बेवजह था, या अतीत की छाया उनका पीछा नहीं छोड़ेगी? सुनिए इस रोमांचक कहानी को, जो समय के बदलाव और इंसानी जिज्ञासा की अनोखी दास्तान है।"



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